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Women’s Day 2021: प्रेरणा लीजिए इन 10 बहादुर और साहसी महिलाओं से जिन्होंने एसिड अटैक झेलने के बाद हार मानने के बजाय की अपनी जिन्दगी की नई शुरूआत

एक महिला को अपनी ज़िन्दगी में सबसे प्यारी होती है अपनी खूबसूरती। लेकिन कैसा लगता होगा जब उसकी ये खूबसूरती उसकी कमजोरी बन जाए। और इस कमजोरी पर विजय प्राप्त कर समाज के सामने आना वाकई में बेहद मुश्किल काम है। यहाँ पर मैं किसी और की नहीं बल्कि एसिड अटैक (Acid Attack) से पीड़ित महिलाओं की बात कर रहे है। एक मर्द को अपने गुस्से और इज्जत के आगे कुछ नज़र नहीं आता और ये गुस्से की ज्वाला कई बार समाज के लिए घातक साबित हो जाती है।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार साल 2014 से 2018 के बीच भारत में 1483 महिलाएं एसिड अटैक का शिकार हुई है। एक इन्सान तो महिला पर एसिड फेंकने की बात सपने में भी नहीं सोच सकता। ये समाज में कुछ वहशी दरिंदे और भेड़िये ही होते है, जो इस तरह की घिनोनी घटना को अंजाम दे सकते है। 5 साल के भीतर तकरीबन 1,500 महिलाओं पर एसिड से हमला कोई आम बात नहीं है।

आमतौर पर एसिड अटैक (Acid Attack) से पीड़ित महिलाएं समाज को अपना चेहरा दिखाने से डरती है। लेकिन कुछ बहादुर और साहसी महिलाओं ने अपने चेहरे की परवाह किए बगैर समाज में मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने भूत काल को भूलाकर वर्तमान को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाने की कोशिश की है। इस कोशिश में समाज ने भी उनका पूरा साथ दिया।

आज मैं आपको ऐसी ही 10 एसिड अटैक (Acid Attack) से पीड़ित महिलाओं के बारे में बताएंगे, जिनसे हमें किसी भी हालात में हार ना मानकर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है

लक्ष्मी अग्रवाल

हाल ही में आई दीपिका पादूकोण की फिल्म छपाक (Chhapaak) में एसिड अटैक विक्टिम लक्ष्मी अग्रवाल की कहानी ही दिखाई गई थी। लक्ष्मी पर साल 2005 में 32 वर्षीय युवक गुड्डू ने एसिड फेंक दिया था। उस समय लक्ष्मी की उम्र मात्र 15 साल थी। आलोक को उसके इस घटिया जुर्म के लिए 10 साल की जेल भी हुई थी। शुरूआत के आठ साल लक्ष्मी ने खुद को अपने घर में ही बंद करके रखा। लेकिन 2014 में आलोक दीक्षित के साथ मिलकर उन्होंने स्टोप एसिड अटैक (Stop Acid Attack) कैंपन की शुरूआत की। इसके साथ ही वह छांव नाम के एनजीओ (NGO) के साथ भी जुड़ गई। 2019 में लक्ष्मी को इंटरनेशनल वुमेन एम्पावरमेंट अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।

रेशमा कुरेशी

रेशमा कुरेशी पर साल 2014 में मात्र 17 वर्ष की उम्र में किसी अन्य व्यक्ति ने नहीं बल्कि उनके खुद के जीजा ने ही एसिड फेंक दिया था। रेशमा अपनी बहन के साथ एग्जाम देने जा रही थी, और वहीं एग्ज़ाम सेंटर के बाहर उनके जीजा ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर रेशमा के बाल पकड़कर मुंह पर एसिड डाल दिया। इस अटैक में रेशमा को अपनी एक आँख भी गवानी पड़ गई थी। रेशमा को बचपन से ही मॉडलिंग और फैशन का शौक रहा था। चेहरा जल जाने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और रिया शर्मा के एनजीओ Make Love Not Scars के साथ जुड़ गई। अब रेशमा अपने यू-ट्यूब चैनल पर ब्यूटी टिप्स की वीडियोज़ डालती है। इसके अलावा रेशमा ने न्यू यॉर्क फैशन वीक में रैंपवॉक में भी हिस्सा लिया हुआ है।

सोनाली मुखर्जी

झारखंड के धनबाद की रहने वाली सोनाली मुखर्जी एक रात छत पर सो रही थी और उसी रात तीन दरिंदो ने उनके ऊपर तेजाब फेंक दिया था। इस घटना के बाद मात्र 17 साल की उम्र में ही सोनाली को अपनी दोनों आँख गवानी पड़ गई थी। सोनाली इस घटना से इतनी बुरी तरह टूट गई थी कि उन्होंने इच्छा मृत्यु की मांग भी की थी। लेकिन 2015 में चितरंजन के आने से उनकी ज़िन्दगी में एक बार फिर से रोशनी की किरण दिखाई दी। दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और विवाह भी कर लिया। फिलहाल सोनाली झारखंड के बोकारो डिप्टी कमीश्नर के ऑफिस में क्लर्क के तौर पर कार्यरत है और एक बच्ची की माँ भी है। सोनाली कौन बनेगा करोड़पति के सीजन 6 में भी नज़र आ चुकी है।

आरती ठाकुर

2012 में आरती ठाकुर मुंबई की एक आईटी कंपनी में नौकरी करती थी और वह एक किराए के मकान में अपनी माँ और छोटी बहन के साथ रहती थी। आरती की मकान मालकिन का बेटा उसे पसंद करता था और शादी के लिए दबाव बना रहा था। आरती द्वारा तीन बार विवाह का प्रस्ताव ठुकरा दिए जाने के बाद उसने आरती पर एसिड फेंक (Acid Attack) दिया। आरती ने हार ना मानकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और अपराधी को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की। इस घटना के तीन साल बाद आरती की मुलाकात प्रशांत पिंगले से हुई जो खुद भी एसिड से झुलसा हुआ था। प्रशांत पिंगले ने पूणे में आयोजित ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क के प्रोग्राम में आरती को वक्ता के तौर पर पहली बार देखा था और पहली नज़र में ही उन्हें आरती से प्यार हो गया था।

रितु सैनी

रितु सैनी एक नेशनल लेवल की वॉलीबॉल की खिलाड़ी हुआ करती थी। उनके पिता और बुआ के बीच प्रोपर्टी को लेकर कुछ विवाद चल रहा था। इस विवाद का बदला लेने के लिए रितु की बुआ के लड़के रामनिवास ने उन पर एसिड से हमला करा दिया था। इस हमले के बाद रितु बुरी तरह झुलस गई थी। उनकी आँखों की रोशनी भी कम हो गई थी, जिस कारण उन्हें खेल से भी बाहर कर दिया था। उन्होंने अपने हक की लड़ाई लड़ी और दोषियों को सजा भी दिलाई। रितु इस घटना के बाद आलोक दीक्षित और लक्ष्मी अग्रवाल के स्टॉप एसिड कैंपन के साथ जुड़ गई। फिलहाल वह शिरोज़ हैंगआउट कैफे में काम कर रही है, जो एसिड अटैक पीड़ितो द्वारा ही चलाया जा रहा है।

ललिता बेनबंसी

साल 2012 में आपसी विवाद के कारण ललिता बेनबंसी के ऊपर उन्हीं के कजिन ने एसिड फेंक दिया था। एसिड से ललिता का पूरा चेहरा बुरी तरह जल गया था। इस हमले के बाद ललिता की कुल 17 सर्जरी हुई थी। अपना ऐसा चेहरा लोगों के सामने ले जाने से वह डरने लगी थी और अपना खुद का घर छोड़कर साहस फाउंडेशन के साथ जुड़ गई। इसी दौरान एक दिन गलती से ललिता का रॉन्ग नंबर राहुल कुमार के पास लग गया। कौन जानता था कि ये रॉन्ग नंबर उनकी पूरी लाइफ बदल देगा। रॉन्ग नंबर के बाद राहुल और ललिता की फोन पर बात शुरू हुई और करीब 10 महीने बाद इन्होंने विवाह कर लिया था। इनके विवाह में बॉलीवुड अभिनेता विवेक ऑबेरॉय ने भी शिरकत की थी।

कविता बरूनी

कविता बरूनी की कहानी सुनकर यकीन हो जाता है कि आज भी जिस्म की बजाय रूह से सच्चा प्यार करने वाले लोग मौजूद है। 2011 में महज 20 साल की उम्र में कविता ने नौकरी करना शुरू कर दिया था। नौकरी के दौरान कविता की मुलाकात उसके सहकर्मी नितेश वर्मा से हुई और कुछ ही दिनों में उन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया। कविता और नितेश के रिश्ते से कविता का पड़ोसी सैफ बहुत जलता था। ये कपल विवाह के बारे में विचार कर रहे थे तो सैफ को बर्दाश्त नहीं हुआ और उसने कविता के ऊपर एसिड डाल दिया। इस हमले के बाद कविता के घरवालों ने भी उसका साथ छोड़ दिया था और कहा कि यदि उसने अपराधियों के खिलाफ शिकायत की तो वे कविता को भी घर में नहीं आने देंगे। कविता के इलाज के दौरान उसके परिवार वालो ने उससे मिलना भी बंद कर दिया था। लेकिन इस मुसीबत के समय में नितेश कविता के साथ ढाल बनकर खड़ा रहा। उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टर विवेक कुमार सक्सेना ने कविता का इलाज भी मुफ्त कर दिया था। फिलहाल नितेश और कविता अपनी विवाहित ज़िन्दगी से खुश है और अपराधियों को सजा दिलाने की मांग कोर्ट से कर रहे है।

प्रमोदिनी रॉल

ओडिशा की प्रमोदिनी रॉल मात्र 15 वर्ष की थी जब उन्हें एक पैरामिलिट्री फोर्स के सिपाही ने शादी के लिए प्रपोज किया था। प्रमोदिनी ने उस सिपाही का प्रस्ताव ठुकरा दिया तो उसने बदला लेने के लिए मासूम सी लड़की पर एसिड से हमला (Acid Attack) कर दिया। हमले के बाद प्रमोदिनी 4 साल तक अस्पताल के बेड पर ही लेटी रही, जिसमें से तकरीबन 9 महीने उसने आईसीयू में गुजारे। इलाज के दौरान एक नर्स के दोस्त सरोज साहु से प्रमोदिनी की मुलाकात हुई। प्रमोदिनी को हिम्मत और साथ देने के लिए सरोज ने अपनी नौकरी भी छोड़ दी। अब दोनों एक साथ ही अपनी ज़िन्दगी जीना चाहते है। आपको बता दे फिलहाल सरोज ओडिशा में ही कार्यरत है, वहीं प्रमोदिनी दिल्ली के स्टोप एसिड अटैक कैंपेन में मैनेजर के तौर पर काम कर रही है।

दौलत बी खान

मुंबई की रहने वाली दौलत बी खान पर उनकी खुद की बड़ी बहन सायरा और उसके जीजा ने ही एसिड फेंक दिया था। दौलत की माँ सायरा के साथ ही रहती थी, लेकिन सायरा अपनी माँ के साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया करती थी। दौलत को यह बात पसंद नहीं आई और उसने अपने जीजा और बहन को समझाने की कोशिश की। लेकिन बड़ी बहन और जीजा ने मिलकर दौलत पर ही तेजाब फेंक दिया था। दौलत ने इस हमले के बाद हिम्मत नहीं हारी और मुंबई में एसिड अटैक सर्वाइवर साहस फाउंडेशन की शुरूआत की। यह एनजीओ एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं के स्वास्थ्य, खानपान और पढ़ाई का पूरा खर्च उठाता है।

अनमोल रॉड्रिग्ज़

दो साल की मासूम बच्ची पर उसके पिता ने ही एसिड फेंक (Acid Attack) दिया था और उसका कसूर बस इतना था कि वह एक लड़की है। अनमोल की माँ ने एक लड़की को क्यों जन्म दिया, इस बात से उसके पिता बहुत नाखुश थे और एक दिन जब उसकी माँ दूध पिला रही थी तो बाप ने मां-बेटी दोनों पर तेजाब फेंक दिया था। इसके बाद अनमोल का ईलाज कराया गया और कुछ दिनों तक वह अपने नानी के घर में ही रही। लेकिन धीरे-धीरे वह उनपर भी बोझ बनने लगी और उसे एक अनाथालय में छोड़ दिया गया। 18 साल की हो जाने के बाद अनमोल ने नौकरी शुरू की, लेकिन उसे कुछ समय के बाद ही नौकरी से भी निकाल दिया गया। इसके बाद उसे किसी अन्य कंपनी में भी नौकरी नहीं मिली। अनमोल को बचपन से ही फैशन की ओर बेहद रूचि रही थी। उन्होंने अपने चेहरे की ओर ध्यान ना देते हुए मॉडलिंग स्टार्ट की ओर एक फैशन आइकन बन गई। फिलहाल वह एक ऑनलाइन ब्रांड के लिए मॉडलिंग करती है। इसके अलावा वह कछ इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब चैनल पर भी छाई रहती है।

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Mohit Jain
I am an extrovert and an adventurous person who love to interact with public. Possessed by a wander soul, I like to explore new places and historical monuments. I dream for the future full of work, happiness, health and family. My pen is my strength and love to write on various topics. I believe in humanity.

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